मंगलवार, जनवरी 21, 2020

G T Road किसने बनवाया: शेरशाह सूरी मार्ग

साढ़े चार सौ वर्ष पहले की बात है सरहिन्द पर एक अफगान सुबेदार बहलोल लोदी ने धीरे-धीरे अपने कदम पंजाब की ओर बढ़ाना शुरू किये और वह बढ़ता-बढ़ता एक दिन दिल्ली की गद्दी पर आसीन हो गया, और शासन करने लगा। उसके साथ एक इब्राहीम खां नाम का व्यक्ति भी आया, जो कि एक अफगान सूर था वह बहलोल लोदी की राज्य सेवा में कार्य करता था, एक वफादार, कर्मठ, ज्ञानी, मजबूत और कार्यकुशल व्यक्ति था जिसके कार्यों से शासक हमेशा प्रसन्न रहता था इसी बीच बाबर नामक एक अन्य राजा ने उसके शासक पर आक्रमण किया, परन्तु वह युद्ध में पराजित हो कर भाग गया। दोबारा युद्ध हुआ जिसमें वह हार गया मगर तीसरी बार वह कुछ देश-द्रोहियों के संयोग से भारत पर आक्रमण कर जीतने में सफल हो गया। इब्राहीम खाँ अब बूढ़ा हो चला था मगर अब वह बाबर की राज्य सेवा में था अतः वह अब सेवा से मुक्त होना चाहता था वह अपनी जगह अपने बेटे को दिलाना चाहता था। उसके पुत्र ने तो कुछ नहीं कहा मगर उसके पौत्र ने उससे बहश शुरू कर दी.  "दादा जी हम ऐसे कब तक गुलामी करते रहेंगे’’

बेटे! हमारा धर्म है कि जो भी गद्दी पर राजा बैठे उसकी सेवा करते रहे, क्योंकि यह हमारा खानदानी काम है।

"मुझे यह मन्जूर नहीं है’’ - लड़के ने कहा कभी लोदी तो कभी बाबर की सेवा करते रहे।

"तू क्या कहना चाहता है हम राजा का विरोध करें और मारे जाये, सूली पर चढ़ा देगा राजा।’’

"पुत्र ने कहा हमें तो तेरी चिंता है’’

पौत्र जोर से बोला - ‘‘आप अपनी चिंता अपने पास रखिये, मैं जानता हूँ जो मैं करूंगा!

हाँ! मालूम है जेल में चक्की पीसेगा, दूसरे का दास बनेगा, यहाँ अच्छा खासा दरवार का काम है, घर-बाहर सब कुछ मिलता है‘‘ इब्राहीम ने टूटे हुए दिल से कहा।

पौत्र जोर से बोला -’’मैं एक ऐसा रास्त  बनाऊगा जिस पर हजारों लोग यात्रा कर सके, आ जा सके, और एक लम्बे समय तक उस रास्ते का नाम रहे’’।

इब्राहीम खाँ खामोश हो गया और पौत्र महल से बाहर चला गया अपने मित्रों के पास राज में हो रही उथल पुथल का पता लगाने।

क्या खबर है क्या हो रहा है राज में ‘‘पौत्र ने कहा हर प्रांत में आपसी झगड़े हो रहे हैं राजा अभी अपने पैर भी ठक से नहीं जमा पाया है अतः हमें संगठित होकर इसका विरोध कर देना चाहिए’’, मित्रों ने कहा।
अगर तुम मेरा साथ दो तो हम एक दिन अवश्य सफल होंगे लड़के ने कहा।

चलो योजना बनाओं अपने गुप्तचर इधर-उधर फैला दो सैना में फूट डालो, अधिकारियों को लालच दो जब हम सफल हो जायेगे तो उन्हें सुवेदार बना दिया जायेगा, जो जितना वफादार होगा उसे उतना ही बड़ा पद प्राप्त होगा.........।

लड़का बोलते जा रहा था।

‘‘एक जोरदार विरोध के साथ राजा को देश से बाहर निकालने में वह कामयाब हो गये उसे ईरान में शरण लेने पर मजबूर कर दिया वह राजा था मुगल शासक हुमायूँ’’।

अब लड़के ने अपनी इच्छा के अनुसार सबको व्यवस्थित ढंग से पद व कार्य सौप दिये वह स्व्यं भी एक राजा होने के वावजूद आम जनता की पेरशानियां सुनता उन्हें हल करता वह ज्ञान और आध्यात्मिक खोजों के प्रति समर्पित था उनके सड़कों के निर्माण कर उसने डाक व्यवस्था में सुधार किया जिससे सबकों एक दूसरे की खबर मिल सके सड़कों के साथ साथ पेड़ लगाये, और एक नियमित अंतराल पर सराएं बनवायी, कुए खुदवायें, पानी की व्यवस्था की सिंचाई और खेती में सुधार किये और अपनी इच्छा की पूर्ति के लिए उसने सिन्ध से लेकर बंगाल में स्वेनार गांव तक एक रास्ता बनवाया जो लाहौर दिल्ली व आगरा से बंगाल पहुँचता है। अतः वह लड़का जो दृढ़ निश्चय कर रास्ता बनाना चाहता था जो एक असाधारण व्यक्ति व महान प्रशासन था उसका नाम शेर शाह सूरी था वह रास्ता आज भी ‘शेर शाह सूरी मार्ग  के नाम से जाना जाता है। और जिसका एक नाम ’’गैंड ट्रंक रोड या जी टी रोड’’ भी है।

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