शनिवार, फ़रवरी 08, 2020

कल युग (Tomorrow's Era)


वह जो प्राचीन शिव मंदिर है,

जिसका चबुतरा बहुत ऊँचा है,

और तल में उसके ताल हैं,

उसका महंत डूब गया है,

अन्धकार में,

कल पुलिस ने वहाँ छापा मारा,

अर्धरात्रि गये अन्धकार में,

देवक्षेत्र में घोर अंधियारा,

जो पाया संदिग्ध था,

वहाँ नहीं था तो बस,

शिव’’’ऊँ नमः शिवाय’’!

बाहर चमचों की अपार भीड़,

उर्वषी पार्वती और राधा,

सबको वहाँ जीवित पाया,

सुनते आये हैं जो हम,

पौराणिक कथाओं में सज्जा,

वह भी सब पाया, 

स्वर्ग नरक पाताल सब थे,

नहीं थी तो बस,

पृथ्वी धरा वसुंधरा,

अब समुद्र मंथन की आवश्यकता नहीं है,

कल युग है आज,

धर्म अन्याय देवता और दानव, 

स्वर्ग में नहीं न नरक,

रहते हैं वो,

दिन और रात के परदों में।

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