मंगलवार, मई 26, 2020

सरकारी काम

तुम्हारा काम हो गया,
मेरा कोई काम नहीं,
जो भी है वो दफ़्तर का है,
वो बात अलग है,
हाकिम भी लगें हैं
रोज़ अपनी नौकरी बचाने में,
किसको क्या काम देना है,
काम नहीं होगा,
तब भी देना है,
लोकतंत्र, ऑफिस, ऑफिस ...

















घूमता है हर रोज़,
राजनीति के फ़ायदे में,
जल जाती है सुरक्षित फ़ाइलें,
ख़ोज लिये जाते है लोग,
जिन्हें सज़ा करानी होगी,
कल तक नहीं था,
काम का माहौल,
बड़ी मेहनत से बना है,
सत्ता में अपना भी रुतबा,
पाँच साल से पहले,
जो भी काम लो,
उसे पूरा कर दो,
गुणवत्ता नहीं आँकी जाएगी,
देर की तो सारी की सारी,
जमा राशि डूब जाएगी,
जो भी पैसा है,
वह जनता की सुरक्षा और सेवा का है,
वो पार्टी फंड में जमा करो,
सरकारी काम हो रहा है,
सड़क, शहर, गाँव मर्ज़ी चाहे,
जहाँ भी तुम चाहो,
कब्ज़ा कर सकते हो। 


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